है यहाँ मजबूर सब पैदल चलने को, कब सुनेंगें जनप्रतिनिधि और अधिकारी

देवी शरण मिश्रा

प्रतापगढ़ । ये तस्वीर है ग्रामसभा बैरागीपुर (फतूहाबाद) की, आज़ादी के बाद से आज तक कई सरकारें आई गई नही बनी सड़क तो नहीं बनी मजबूर ग्रामीण पैदल चलने पर मजबूर .. बाबागंज विधानसभा के अंतर्गत कई गाँवो का यही है हाल कोई सुनने को नही तैयार ग्राम सभा बैरागीपुर (फतूहाबाद) में भष्टाचार इतना कि आज भी लोग कीचड़ में चलने के लिए मजबूर है ।

नरेगा काम कागज के बजाय धरातल पर होता तो कम से कम रास्ता तो बन जाता साफ सुथरा. ऐसे रास्ते मे कब कोई गिर जाए पता नही पर लोग शांत है और दुर्घटना के इंतजार में है सभी जनप्रतिनिधियों से सांसद’ विधायक,ब्लाक प्रमुख , प्रधान आदि से शिकायत के बाद भी बैरागीपुर ग्राम सभा मे सड़क नही बनवायी गयी फिलहाल विधानसभा बाबागंज की ग्राम सभा में कोई सुनवाई नही है।

सरकार के आदेश को ठेंगा दिखा रहे है अधिकारी

योगी सरकार के तमाम कोशिशो के बावजूद भी आम जनता की दिक्कते कम होने का नाम नही ले रही है।प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ भले ही आम जनता की सड़क, विजली और पानी जैसी तमाम समस्या को कम करने के लिए अथक प्रयाश कर रहे हो किन्तु उनके सरकार के ही कई विभाग और सम्बंधित अधिकारी उनके इस मिशन को फेल करने में लगे हुए है। इस वजह से पब्लिक की समस्या ज्यो की त्यों बरकरार है और लोगो में रोष व्याप्त है। बाबागंज विधान सभा क्षेत्र का कुछ ऐसा ही हाल है। कई साल बाद बीजेपी की सरकार सत्ता में आई तो यहाँ लोगो की उम्मीद जगी की अब शायद उनकी तमाम दिक्कते कम होंगी। किन्तु सरकार के आदेश और निर्देश के बाद भी यहाँ धरातल पर कुछ नया होता नही दिख रहा है जो लोगो के परेशानी और चिंता का विषय बना हुवा है।

ट्रिपिंग के साथ उपलब्ध होती है विजली

यहाँ पर पब्लिक की मुख्य समस्या सड़क, विजली और पानी है जो पहले की अपेक्षा अब और अधिक खराब लोगो द्वारा बताई जा रही है।यदि ग्रामीणों की माने तो बाबागंज विधानसभा क्षेत्र में तमाम सड़के तालाब में तबदील है,कागजो में भले वे गड्ढा मुक्त हो किन्तु हकीकत में ऐसा कुछ भी नही है।उक्त विसक्षेत्र के तहत आने वाले विजली उपकेंद्रों बहोरिकपुर से जुड़े हजारो उपभोक्ताओं को न ठीक से दिन में विजली मिलती है और न ही रात में। सरकार द्वारा ऊपर से भले ही ग्रामीणों को 18 घंटे की निर्बाध बिजली आपूर्ति के निर्देश जारी है किन्तु यहाँ के लोगो की माने तो उन्हें बमुश्किल 8 से 10 घंटे की विजली आपूर्ति तमाम किस्तो में ट्रिपिंग के साथ उपलब्ध होती है।इसके पीछे यहाँ की अतिजर्जर और पुरानी लाइन बताई जा रही है।

हैण्ड पम्प खराब पड़े है, गड्ढा मुक्त का दावा खोखला

दिन में इनकी मरम्मत की जाती है और यदि लाइन ठीक रही तो रात में आंशिक विजली लोगो को मिलती है क्योंकि इसी दौरान घंटो की अघोषित कटौती भी ऊपर से की जाती है। विसक्षेत्र अंतर्गत सैकड़ो ग्रामो में लोगो को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से हजारो इंडिया मार्का हैण्ड पम्प लगे है।ग्रामीणों की माने तो यहाँ भारी संख्या में हैण्ड पम्प खराब पड़े हुए धूल चाट रहे है जिनकी मरम्मत करवाने वाला कोई नही है। ग्रामीण पेयजल की मुसीबत को झेलते हुए छोटे नल के असुद्ध पानी को पीने के लिए मजबूर है। क्षेत्र के लोगों के अनुसार सड़क,विजली,पानी की समस्या ख़त्म होने की जगह दिनों दिन बढ़ती ही जा रही है जिसके लिए कही न कही सम्बंधित विभाग के अधिकारी जिम्मेदार है।सड़को को गड्ढा मुक्त करने का दावा यहाँ पूरी तरह खोखला साबित हो रहा है और यहाँ की अनेक सड़के तालाब में तबदील हो गई है।

गन्दा पानी जगह जगह भरा हुआ

बैरागीपुर फतूहाबाद मार्ग का हाल बारिश में जलभराव से बेहाल है, मुख्य सड़क के पास अनेक जगहों पर गड्ढों में तब्दील हो जाने के कारण भारी मात्रा में गन्दा पानी जगह जगह भरा हुआ है। जिससें आम लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जल निकासी और नाली न होने से सड़क पर कीचड़ व गंदगी भरा रहता है खैलरपुरवा बैरागीपुर मार्ग में कई जगह तालाब बन चुका है जो आवागमन को बाधित करता है।लोगों का कहना है कि इसी सड़क से हजारों की संख्या में लोग प्रतिदिन आते जाते हैं।कीचड़ से छात्र छात्राओं के कपड़े अक्सर खराब हो जाते हैं।

पक्की सड़क को तरस रहे लोग

साईकिल व दो पहिया वाहन इन गढ्ढों में गिर कर चोटिल हो जाते हैं।इस सड़क के खराब होने से यहाँ के तमाम गांव प्रभावित है जिनके निवासियो को आवागमन में असुबिधा होती है ऐसी सड़के है जो चलने के लायक नही है अपने गांव तक पक्की सड़क को तरस रहे लोग अभी भी विकास के पहुंच से कोसों दूर है।जैसा की पूर्व सरकारों द्वारा एवं वर्तमान सरकार द्वारा प्रत्येक गाँवों को पक्की सड़क द्वारा राज्यमार्ग से जोड़ने तथा प्रदेश में सड़को का जाल बिछाने का दावा किया जा रहा है।

गांव तक पहुंचने के लिये मात्र एक कच्चा मार्ग

वहीं कुण्डा- प्रतापगढ़ और बाबागंज- प्रयागराज मुख्य मार्ग से महज एक किलोमीटर दूर स्थित इस गांव तक पहुंचने के लिये मात्र एक कच्चा मार्ग है किन्तु बरसात आते ही इस मार्ग पर चलना काफी मुश्किल हो जाता हैं।पांच वर्ष बाद जब भी कोई प्रत्याशी इस गांव में वोट मांगने जाता है तो ग्रामीणों की सिर्फ एक मांग पक्की सड़क होती है।लेकिन चुनाव जीतने के बाद कोई जनप्रतिनिधि इधर देखने भी नहीं आता जो ग्रामीणों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।