रामगढ़ गाँव वाले शोले फिल्म की शूटिंग को क्यों मानते हैं अभिशाप
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हिंदी फिल्म फिल्म शोले के बारे बताने को जरूरत ही नहीं है क्योंकि आप इसकी पॉपुलैरिटी जानते होंगे। इस फिल्म को शायद आप कभी भुला ना पाएंगे। ये फिल्म 70 के दशक का सबसे पसंदीदा फिल्मों मै से एक था।

शोले फ़िल्म की शूटिंग 1973 से 1975 के बीच बेंगलुरु और मैसूर की खूबसूरत पहाड़ियों के बीच बसा रामनगरम नामक जगह पे हुई थी। आपने यदि शोले फ़िल्म देखी होगी तो आपको मालूम होगा कि इस फ़िल्म में रामगढ़ नामक गाँव को दिखाया गया था। आपने इस फिल्म में रामगढ़ नाम के गांव के बारे में सुना या देखा होगा इसी गांव में लगभग फिल्म के सारे सीन की शूटिंग की गई थी।

इसी फिल्म के चलते ये गांव काफी पॉपुलर हो गया। लेकिन आपको बता दें कि रामगढ़ नाम का कोई गांव वहां नही था और बस इस फ़िल्म की शूटिंग के लिए इस गांव को बसाया गया था। फ़िल्म पूरी हो जाने के बाद ये गांव उजड़ गया था लेकिन रामनगरम गांव अभी भी मौजूद है।

लेकिन अभी इस गांव के लोगों के लिए शोले फिल्म के शूटिंग के लिए अभिशाप साबित हो रहा है। इस फिल्म ने इस गांव की पहचान को धूमिल कर दिया है। इसके पीछे वजह ये है कि रामनगरम गांव खूबसूरत पहाड़ियों और दुर्लभ प्रजाति के गिद्ध के लिए जानी जाती थी।

जब फिल्म की शूटिंग हो रही थी तब यहां पर काफी शोर सराबा होने से फिर बंदूक कि आवाजें, बॉम्ब की फटने से यहां की जो दुर्लभ गिद्द होते थे वो गायब हो गए हैं। उस समय यहां लगभग 2000 तक दुर्लभ जिद्द पाए जाते थे।

अब आलम ये है कि इन पहाड़ियों में 15 से 20 ही गिद्ध बच पाए हैं और अब विलुप्त होने के कगार पे पहुंच गए हैं। इस फिल्म के कारण ये सारे गिद्ध पलायन कर गए। यही वजह है कि वहाँ के स्थानीय लोग शोले फ़िल्म की शूटिंग होने को एक अभिशाप मानते हैं।

जब फिल्म बहुत ज्यादा हिट हो गई और उनको पता चला कि रामगढ़ नामक गांव में इस फिल्म कि शूटिंग हुई है तो यहां काफी लोग आने लगे ये एक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो गया।

लोगों के आने जाने से जो भी बची खुची गिद्ध थे वो भी चले गए। भीड़ बढ़ने से यहां प्रदूषण भी बढ़ने लगा। और अभी यहां पर एक रिजॉर्ट बनाई जाने की बात ही रही थी लेकिन गांव वाले नहीं चाहते कि ऐसा हो।

गांव के लोग सरकार को चिट्ठी लिखकर सारी समस्याएं बताई। रिजॉर्ट बनने से यहां काफी लोगों का आना जाना लगा रहेगा इस कारण से जो बची खुची प्रकृति को भी नश्ट कर देंगे।

हमें हमारी प्रकृति को ऐसे नुकसान नहीं करना चाहिए। जब फिल्म की शूटिंग पूरी हो गई तब पूरे गांव को उजाड़ के चल गए। इस फिल्म ने तो इस गांव को पॉपुलर कर दिया हो लेकिन इस गांव के लोगों के लिए एक समस्या बन गई है।