महिलाओं एवं बच्चों के साथ होने वाली हिंसा पर कार्यशाला का आयोजन

इस ख़बर को शेयर करें:

जबलपुर। पुलिस कन्ट्रोलरूम जबलपुर में आज मंगलवार को ‘‘महिलाओं एवं बच्चों के साथ होने वाली हिंसा की रोकथाम’’ हेतु का जन साहस सोशल डेव्हलपमेंट सोसायटी सिविल लाईन जिला देवास एवं उर्जा हैल्प डैस्क जबलपुर के संयुक्त तत्वाधान में शरद भामकर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, (सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण) के मुख्यातिथ्य में श्री अमित सिंह पुलिस अधीक्षक जबलपुर की उपस्थिति में एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया गया।

इस अवसर पर अति. पुलिस अधीक्षक शहर दक्षिण डॉ. संजीव उइके, उप पुलिस अधीक्षक महिला अपराध कौशल सिंह, सीएडडब्ल्यू के अध्यक्ष मनीष पाण्डे, संस्था के सदस्य, मनोहर बामनिया, राजू चौधरी, कुलदीप परमार, रोहित गोयल, पवन चौधरी, गंेदलाल सहित उर्जा डैस्क प्रभारी प्रीति तिवारी, तथा थानों में संचालित उर्जा डेस्क के प्रभारी अधिकारी, थानों के बाल कल्याण अधिकारी, के साथ साथ महिला बाल विकास, श्रम विभाग, विशेष किशोर पुलिस इकाई, वन स्टॉप सैंटर, स्वास्थ विभाग, शिक्षा विभाग, के सदस्य एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

कार्यशाला के शुभारंभ के अवसर पर शरद भामकर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण) द्वारा निःशुल्क विधिक सहायता, सीनियर सिटीजन एक्ट, घरेलू हिसंा तथा बच्चों एवं महिलाओं के सुरक्षा सम्बंधी कानूनी प्रावधानों के सम्बंध में विस्तार से जानकारी दी गयी।

अमित सिंह पुलिस अधीक्षक जबलपुर ने कहा कि अगर महिला सुरक्षा एवं सशक्तिकरण की बात की जाये तो इस हेतु सही मायने मे हमें सामुहिक प्रयास करके प्रतिकार का एक एैसा मंच तैयार करना होगा जहॉ अगर किसी महिला एवं बच्ची के साथ दुव्यर्वहार हो रहा है तो उसका उसी समाज से, उसी स्थान से प्रतिकार हो, अमूमन हम यह सोचकर नजर अंदाज कर देते है, जबकि यह नहीं होना चाहिये, हमें तुरंत प्रतिकार करना चाहिये। सभी विभागों के आपसी सामंजस्य से ही हम बालिकाओं एवं महिलाओं के लिये सुरक्षित वातावरण निर्मित कर सकते हैं, इसके लिये सभी को अपनी-अपनी भूमिका का निवर्हन करना पड़ेगा।

कार्याशाला में पारिवारिक विवादों को काउंसलिंग के माध्यम से कैसे सुलझाया जाये, पाक्सो एक्ट में बालक/बालिका के सवोत्तम हित सम्बंधी जानकारी , सीएडब्ल्यू अध्यक्ष श्री मनीष पाण्डे द्वारा दी गयी। कार्यक्रम का समापन अति. पुलिस अधीक्षक दक्षिण डॉ संजीव उइके द्वारा शाम 5 बजे सभी सदस्यों कों प्रशस्तिपत्र देकर किया गया।

उल्लेखनीय है कि हैल्प लाईन नम्बर 180030002852 चौबिस घंटे चलने वाली मुफ्त एवं आपतकालीन राष्ट्रीय फोन सेवा उन बालिकाओं एवं महिलाओं के लिये है जिनके साथ हिंसा हुई हो और जिन्हें कानूनी सहायता या परामर्श की आवश्यकता हो, यह हैल्पलाईन जन साहस द्वारा संचालित की जा रही है, जिसमें विभिन्न संस्थाओं की भी भागीदारी है, जब किसी बालिका व महिला के साथ कोई हिंसा हो रही हो, छेडछाड हो रही हो, खरीद-फरोख्त हो रही हो, आश्रय की आवश्यकता हों तो सुरक्षा, कानूनी सहायता या परामर्श के लिये उपरोक्त हैल्प लाईन नम्बर पर तुरंत कॉल करें।