शामली : हम तो बोरो पर ही बैठकर चले जाएंगे साहब, मदद को आगे आए पुलिस कर्मी

शामली। लॉकडाउन के बाद मजदूरी पेशा लोगों के पलायन का दौर शुरू हो गया है। जनपद की सड़कों से भी सैकड़ों की संख्या में ऐसे लोग प्रतिदिन निकल रहे हैं। रविवार को रोडवेज बसें चलने की खबर मिली तो सुबह से ही बस अड्डे पर भीड़ जमा हो गई। घंटों बाद भी बस नहीं मिली तो इंतजार में ये लोग थककर सड़क पर ही बैठ गए। मजबूरी में कुछ लोग फल सब्जी, दूूध की सप्लाई वाला जो भी वाहन आया उसमें ही चढ़ गए। कोई लटककर गया, तो कोई चीनी की बोरियों के ऊपर बैठकर अपनी मंजिल की ओर बढ़ गया। थोड़ी देर बाद बस आई तो उसमें चढ़ने के लिए मारामारी मच गई। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने व्यवस्था बनाकर लोगों को बसों में बैठाया। जिसके बाद बसें उनको लेकर वहां से निकल गईं।

कंधे पर बैग डालकर दौड़ पड़े
रविवार सुबह करीब नौ बजे हरियाणा, दिल्ली की ओर से पलायन कर जिले की सड़कों से गुजर रहे लोगों को पता चला कि प्रदेश सरकार उनके लिए रोडवेज बस चलाएगी। ऐसे में शामली डिपो स्थित बस अड्डे पर भीड़ जमा होनी शुरू हो गई। रास्ते में फंसे लोग बस अड्डा पहुंचने लगे। पूर्वाह्न करीब 11 बजे यहां सैकड़ों की भीड़ जमा होने लगी थी, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी कोई बस नहीं आई तो आपाधापी मचनी शुरू हो गई। इसी दौरान यहां से गुजर रहे सब्जी, दाल आदि जरूरी सामान के ट्रकों के माल वाहक ट्रक और टेपों को देख यहां बैठे लोग उन पर टूटने लगे। उनके सामने आकर उन्हें रुकवाते और उस पर चढ़ते।

मदद को आगे आए पुलिस कर्मी
बस अड्डे पर आपाधापी देख वहां पुलिस टीम पहुंची। उन्होंने सबसे पहले वहां जमा भीड़ को दूर -दूर किया और दो-दो मीटर दूरी पर बैठाया। इसके बाद पुलिस कर्मियों ने ही वहां से गुजरे फल, सब्जी, दूध दवा आदि की सप्लाई ला रहे ट्रक, टेपों को रुकवाकर चालकों से बात की और थोड़े थोड़े यात्रियों को पीछे बैठाकर आगे रवाना किया।

हम तो बोरो पर ही बैठकर चले जाएंगे साहब
दिल्ली बस अड्डे पर पुलिस कर्मियों ने एक खाद्यान से भरे एक ट्रक को रुकवाया तो उसमें चढ़ने को सवारियों में आपाधापी मच गई। दो महिलाएं भी अपने बच्चों को लेकर उसने चढ़ने की कोशिश करने लगी। इस पर पुलिस कर्मियों ने उनसे कहा कि बच्चों को लेकर वह बोरियों के ऊपर कैसे बैठेगी तो महिलाओं ने कहा साहब दो दिन से भटक रहे हैं, ये ट्रक मिला है तो उन्हें जाने दो साहब। इसके बाद पुलिस कर्मियों ने व्यवस्था बनाकर महिलाओं को आगे केबिन में बैठाकर भेजा।

बस आई तो मिली कुछ राहत, फिर भी रह गए करीब 11 बजे शामली डिपो पर मेरठ के लिए बस चली तो उसमें बैठने को आपाधापी मच गई, लेकिन पुलिस कर्मियों ने उन्हें दूर-दूर खड़ा किया । इसके बाद चालक-परिचालक ने बस को सैनिटाइज किया गया और यात्रियों को अंदर बैठाया गया। रोडवेज अफसरों ने दावा किया कि डिपो से नौ बजे विभिन्न मार्गों पर यात्रियों को छोड़ने गई हैं। हालांकि शाम को फिर से कई लोग यहां खड़े थे।

शासन के निर्देश पर शामली जनपद से मांग के अनुसार कुल नौ बसों को संचालित कर सवारियों को भेजा गया है। ये बसें ,मेरठ, गाजियाबाद, आदि विभिन्न मार्गों पर गई हैं। प्रशासनिक मांग के अनुसार बसों की व्यवस्था कराई जा रही है। – आयुष भटनागर ,एआरएम जलालाबाद डिपो