क्‍या होता है सुपर ओवर, जिसकी आखिरी गेंद पर रोहित शर्मा के सिक्‍स ने इंडिया को दिलाई न्‍यूजीलैंड पर ऐतिहासिक जीत

कानपुर। India vs New Zealand 3rd T20I न्यूजीलैंड के खिलाफ हैमिल्टन में खेला गया तीसरा टी-20 भारत के नाम रहा। इस मैच में विराट की टीम ने पहले खेलते हुए 179 रन बनाए थे। जवाब में कीवियों ने भी 20 ओवर में इतने ही रन बनाए। इसके बाद मैच का फैसला सुपर ओवर के जरिए किया गया। न्यूजीलैंड ने सुपर ओवर में 17 रन बनाए, जवाब में भारत ने रोहित शर्मा के 15 रनों के चलते 20 रन बना दिए।

कब खेला जाता है सुपर ओवर
सुपर ओवर की शुरुआत टी-20 क्रिकेट में हुई थी। जब कोई मैच टाई हो जाता है तो सुपर ओवर के जरिए जीत-हार का फैसला होता है। इसमें दोनों टीमों को एक-एक ओवर खेलने को मिलता है, आखिर में जो टीम ज्यादा रन बना लेती है उसे विजेता घोषित कर दिया जाता। वर्ल्डकप में पहली बार इस नियम का इस्तेमाल पिछले साल किया गया था। जब इंग्लैंड बनाम न्यूजीलैंड के फाइनल मुकाबले में दोनों टीमों ने बराबर का स्कोर बनाया था।

पहली बार कब हुआ इस्तेमाल

टी-20 क्रिकेट में पहली बार सुपर ओवर का इस्तेमाल 2008 में किया गया था। तब बोल आउट नियम को खत्म करके सुपर ओवर बनाया गया था। करीब तीन सालों तक ये नियम टी-20 क्रिकेट में ही यूज होता था मगर वनडे में पहली बार 2011 विश्वकप में इस नियम को मान्यता दी गई। हालांकि ये रूल सिर्फ नाॅकआउट स्टेज के लिए था मगर किसी मैच में इसका इस्तेमाल नहीं हो पाया। वहीं 2015 वर्ल्डकप में भी दर्शकों को ये नियम देखने को नहीं मिला। मगर इस बार इंग्लैंड बनाम न्यूजीलैंड फाइनल मैच में सुपर ओवर ने खेल का रोमांच दोगुना कर दिया।

सुपर ओवर के ये हैं नियम

  • इसमें दोनों टीमों को 1-1 ओवर बैटिंग करने को दिया जाता है
  • दूसरी इनिंग में बैटिंग करने वाली टीम को सुपर ओवर में पहले बल्लेबाजी करने दिया जाता है
  • इसमें गेंदबाजी टीम चुनती है कि वो किए छोर से गेंदबाजी करेंगे
  • सुपर ओवर में अगर 2 विकेट गिर जाए तो इनिंग वहीं खत्म हो जाती है
  • यदि सुपर ओवर भी टाई रहता है तो उस टीम को विजेता घोषित कर दिया जाता जिसने पूरे मैच में ज्यादा बाउंड्री लगाई हों।