स्वास्थ्य के क्षेत्र में नए बजट से क्या हैं उम्मीद

स्वास्थ्य बजट के बारे में जब हम सोचते है तो हमारे जेहन में दो ही बाते सामने आती है कि पहला हमारा स्वास्थ्य खर्च कम हो और दूसरा दवाईयां सस्ती हो।

पिछले बजट में स्वास्थ्य के क्षेत्र में 31 हजाह करोड़ रुपये से अधिक का आवंटन किया गया था वही राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मे सत्रह हजार करोड़ से अधिक रुपये आवंटित किये गए थे। इस बार भी लोग वित्त मंत्री से उम्मीद लगाए बैठे है कि स्वास्थ्य के बजट में कुछ बढ़ोतरी होगी। भारत में जीडीपी का महज एक फीसदी के आस पास ही स्वास्थ्य क्षेत्र में खर्च होता है जो काफी कम है। चिकित्सा जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि ये बेहद जरूरी हो गया है कि सरकार इस क्षेत्र को दी जा रही मदद में बढ़ोत्तरी करे।

चिकित्सा सुविधाएं सस्ती हो इसके लिए जरुरी है कि रिसर्च को बढ़ावा मिले। देश में ही चिकित्सा उपकरण और दवाओं का उत्पादन बढ़े। ताकि लोगो को जीवन रक्षक दवायें सस्ती कीमत पर मुहैया हो सके। हेल्थ इंश्योरेंस का विस्तार हो अधिक से अधिक लोग इसके तहत कवर हो। मेडिकल सुविधाओं के विस्तार के लिये विशेषज्ञ सुझाव देते है कि सरकार को ये भी सुनिश्चित करना चाहिये की जिन मेडिकल से जुड़े सामानों के आयात पर शुल्कों में छूट मिलती है । उसकी घरेलू बाजार में अधिकतम कीमत भी तय किए जाने चाहिये जिससे उनकी कीमत का भार मरीजों को न चुकाना पड़े।

सरकार की कोशिश है कि लोगो को बेहतर चिकित्सा सुविधा सहज और सुलभ मिले ताकि ईलाज का बोझ लोगो के जेब पर भारी ना पड़े। यही वजह है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जरिए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को मजबूत बनाने, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों और जिला अस्पतालों को बेहतर करने के प्रयास कर रही है। लेकिन ये भी सच है कि स्वास्थ्य राज्य का विषय है और योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने और पैसा खर्च करने की जिम्मेदारी भी उन्ही की है। लेकिन कई राज्य बजट को पूरी तरह से खर्च नही कर पाते, कई बार राज्य स्वास्थ्य मद के पैसे किसी और जगह खर्च कर देते है। जब तक राज्य इस पर खास ध्यान नही देगे तब तक स्वास्थ्य क्षेत्र मे व्यापक बदलाव देखने को नहीं मिलेगा।

2016-17 में स्वास्थ्य के क्षेत्र में आवंटन

  • 31 हजाह करोड़ रुपये से अधिक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मे सत्रह हजार करोड़ से अधिक
  • स्वास्थ्य बजट से उम्मीदें
  • रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा
  • देश में ही दवा का उत्पादन होगा
  • चिकित्सा उपकरण सस्ते होंगे
  • दवाओं उत्पान पर टैक्स कम हो
  • हेल्थ इंश्योरेंस का विस्तार होगा
  • मेडिकल से जुड़े सामानों के आयात पर मिलने वाले छूट पर अधिकतम दाम तय हो
  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन
  • -स्वास्थ्य केन्द्रों को मजबूत बनाने
  • -सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों
  • -जिला अस्पतालों को बेहतर करने की हो रही है कोशिश