जब मोदी के साथ ऑस्ट्रेलियाई पीएम मैल्कम टर्नबुल ने किया मेट्रो में सफ़र

जब मोदी के साथ ऑस्ट्रेलियाई पीएम मैल्कम टर्नबुल ने किया मेट्रो में सफ़रऑस्‍ट्रेलिया के प्रधानमंत्री मैल्‍कम टर्नबुल इन दिनों भारत के दौरे पर हैं। सोमवार (10 मार्च) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने समकक्ष से हैदराबाद हाउस में मुलाकात की।

उसके बाद दोनों नेता दिल्‍ली मेट्रो की सवारी करने मंडी हाउस मेट्रो स्‍टेशन पहुंचे। सुरक्षा व्‍यवस्‍था कड़ी थी, गिने-चुने यात्रियों को ही भीतर जाने की इजाजत थी। मोदी और टर्नबुल पहुंचे तो लोगों ने ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। मेट्रो रवाना हुई तो टर्नबुल ने फोन निकाला और पीएम मोदी के साथ सेल्‍फी लेने लगे। एक के बाद एक धड़ाधड़ तस्‍वीरें खींच डाली।

एक तस्‍वीर ट्विटर पर डाली और नरेंद्र मोदी को टैग किया। तस्‍वीर शानदार थी मगर दिल्‍ली मेट्रो में फोटोग्राफी की मनाही है। मेट्रो परिसर में कैमरे के इस्‍तेमाल और वीडियोग्राफी पर सख्‍त पाबंदी है, 500 रुपए के जुर्माने का भी प्रावधान है। अब सवाल उठता है कि क्‍या पीएम टर्नबुल ने दिल्‍ली मेट्रो का नियम तोड़ा या वीवीआईपी मूवमेंट की वजह से नियमों में ढील दी गई थी?

नरेंद्र मोदी और मैल्‍कम टर्नबुल ने मंडी हाउस से लेकर अक्षरधाम तक दिल्‍ली मेट्रो की सवारी का आनंद लिया। उसके बाद दोनों नेता अक्षरधाम मंदिर पहुंचे। यमुना तट पर करीब 100 एकड़ में फैले अक्षरधाम मंदिर की सैर में टर्नबुल ने कई धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन किया। पुजारियों ने टर्नबुल को पूरा मंदिर घुमाया और विभिन्‍न कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी। टर्नबुल पूरी तन्‍मयता से सुनते रहे। इसके बाद दोनों नेता अलग-अलग हो गए।

टर्नबुल के दौरे के पहले दिन भारत और ऑस्‍ट्रेलिया के बीच 6 समझौतों पर सहमति बनी है। इनमें एक समझौता अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद तथा संगठित अपराध से मुकाबले को लेकर किया गया। दूसरा एमओयू नागरिक उड्डयन सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग विकसित करने तथा उसे बढ़ावा देने को लेकर किया गया। तीसरा समझौता पर्यावरण, जलवायु तथा वन्यजीव के क्षेत्र में सहयोग के लिए किया गया।

एक अन्य एमओयू खेल के क्षेत्र में सहयोग के लिए भी किया गया। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने जियोसाइंस ऑस्ट्रेलिया के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया, जिसका मकसद पृथ्वी अवलोकन तथा उपग्रह नौवहन में सहयोग के लिए व्यवस्था का क्रियान्वयन करना है। छठे एमओयू पर हस्ताक्षर स्वास्थ्य तथा चिकित्सा के क्षेत्र में सहयोग के लिए किया गया।