मीडिया का साथ होने से जन कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में आती है तेजी – मण्डलायुक्त

इलाहाबाद। सरकार एवं मीडिया के साथ होने से समाज से जुड़ी समस्याओं को बड़ी सुगमता के साथ दूर किया जा सकता है। मीडिया समाज को जागरूक करने का प्रयास करती है। जन कल्याणकारी योजनाओं में किसी प्रकार का कोई मतभेद नहीं होना चाहिए। यह उद्गार मण्डलायुक्त डॉ. आशीष कुमार गोयल के थे। मण्डलायुक्त आज मंगलवार को उ.प्र. सरकार एवं एक दैनिक समाचार पत्र के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित स्वच्छता कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप मे बोल रहे थे। उन्होंने स्वच्छता कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्जवलित कर किया।

मण्डलायुक्त ने कहा कि इलाहाबाद जनपद को ओडीएफ करने हेतु जिला प्रशासन निरन्तर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि शौचालय बनाने की प्रक्रिया को दो हिस्सों में विभाजित किया गया है जिसमें पहले हिस्से में शौचालय निर्माण करने वाले राजमिस्त्रियों को प्रशिक्षित करते हुए स्वच्छाग्रहियों के माध्यम से लोगों को शौचालय के निर्माण के प्रति जागरूक किया जाता है। दूसरे हिस्से में लोगों के व्यवहार को परिवर्तन करते हुए निर्मित शौचालयों के उपयोग हेतु प्रेरित किया जाता है।
उन्होंने कहा कि घरों में शौचालय होनें के फायदे एवं न होने के नुकसान लोगों को बताना चाहिए। मण्डलायुक्त ने कहा कि जिस तरह बिजली, पानी का होना हमारी दिनचर्या में आवश्यक है उसी तरह शौचालय भी हमारी जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

मण्डलायुक्त ने कहा कि इलाहाबाद जनपद को जिला प्रशासन के द्वारा 31 दिसम्बर 2017 तक ओडीएफ घोषित किये जाने का लक्ष्य रखा गया है। जिसमें हर व्यक्ति की भागीदारी से इस लक्ष्य को आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।
इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी श्री सैमुअल पाल एन ने कहा कि शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बहुत संख्या में शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अपने क्षेत्र में शौचालय निर्माण एवं सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए जनता को जागरूक होना चाहिए, जिससे उसे सरकार द्वारा चलायी जा रही जनकल्याणाकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।

उन्होंने कहा कि पात्र ग्रामीण परिवारों को ओडीएफ के 12000 रू0 तथा शहरी परिवारों को शौचालय के लिए 8000 रू0 की सरकारी मदद दी जा रही है, जिसमें पात्र लाभार्थी अपनी और पूंजी लगाकर सुन्दर एवं स्वच्छ शौचालय निर्माण करा सकता है।

उन्होंने कहा कि निर्मित किये जा रहे शौचालयों का उपयोग प्रत्येक व्यक्ति के द्वारा किया जाय। सी0डी0ओ0 ने कहा कि मण्डलायुक्त के निर्देश पर स्कूलों एवं आंगनवाड़ी केन्द्रों में रनिंग वाटर की व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने की कार्यवाही युद्धस्तर पर की जा रही है। उन्होंने कहा कि ओडीएफ गांवो को अब ओडीएफ प्लस करने की तैयारी की जा रही है।

उन्होंने बताया कि ओडीएफ के कई चरण हैं जिसमें ओडीएफ प्लस, नाली निकासी, प्रदूषण कम करने पर उपाय, टेक्नालॉजी का उपयोग करना आदि है। उन्होंने कहा कि मण्डलायुक्त के निर्देश पर शौचालय निर्माण की धनराशि सीधे लाभार्थी के खाते में दी जाने की कार्यवाही की जा रही है।

उन्होंने कहा शौचालय निर्माण के बाद सरकार के द्वारा 90 दिनों तक लोगों को शौचालय का उपयोग करने हेतु प्रेरित करते हुए उनका स्वच्छता के प्रति व्यवहार परिवर्तन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छता कार्यक्रम में जो भी स्वेच्छाग्राही एवं राजमिस्त्री के रूप में काम करना चाहता है वह ब्लाक स्तरीय अधिकारी से सम्पर्क कर सकता है।
मण्डलायुक्त ने कार्यक्रम में आये ओडीएफ मुक्त गांवों के प्रधानों को शाल भेंट कर उनको सम्मानित किया। कार्यक्रम के अन्त में स्वच्छता की शपथ दिलाते हुए राष्ट्र गान के साथ स्वच्छता कार्यक्रम का समापन हुआ।