स्वयं सहायता समूह की महिलाएँ बनेंगी आत्मनिर्भर

जबलपुर । मुख्यमंत्री द्वारा आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनाने की पहल में स्व-सहायता समूह की महिलाओं की प्रमुख भूमिका रहेगी। मध्यप्रदेश ग्रामीण डे आजीविका परियोजना के तहत गठित स्व-सहायता समूहों की महिलाओ को रोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के लिये कौशल उन्नयन प्रशिक्षण की शुरूआत की गई है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्व-सहायता समूहों के सदस्यों से वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से संवाद कर उनके द्वारा किए जा रहे कार्यो की जानकारी ली थी। उन्होंने महिलाओ को स्थानीय स्तर पर अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के निर्देश जिला प्रशासन को दिये। सभी जिलों में महिला स्व-सहायता समूहों को रोजगार से जोड़ा जा रहा है। उमरिया जिले में स्कूली विद्यार्थियों के गणवेश की सिलाई का कार्य स्व-सहायता समूह की महिलाओ को सौंपा गया है।

गणवेश की सिलाई गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूरी की जा सके, इसके लिए महिलाओ को सिलाई का प्रशिक्षण दिलाने की पहल की गई है। जिले में स्व-सहायता समूह की 258 महिलाओ को 11 सिलाई प्रशिक्षण केन्द्रों पर शुरू कर दिया गया है।

म.प्र. डे-राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत उमरिया जिले में 74298 छात्र-छात्राओं के लिये गणवेश तैयार करने का कार्य इन महिलाओं द्वारा किया जा रहा है।