विश्व एड्स दिवस आज

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आज विश्व एड्स दिवस है। आज का दिन इस गंभीर बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करने के मकसद से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। इस साल इस दिवस की थीम है- स्वस्थ जीवन का अधिकार। पिछले एक दशक में भारत में एचआईवी एड्स के नये संक्रमण के मामलों में करीब सत्तर फीसद की कमी आई है।

भारत में एचआईवी मरीजों का ईलाज फ्री में किया जाता है। हाल ही में केन्द्र सरकार ने एचआईवी एड्स के मरीजों के लिए कानून बनाकर उन्हें ना केवल कानूनी कवच प्रदान की बल्कि उनके साथ हो रहे भेदभाव को दूर करने का प्रयास किया है।

2030 तक इस बीमारी को खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है। जागरुकता, सरकार, समाज और गैर सरकारी संगठनों के कोशिशो का नतीज है कि पिछले एक दशक में भारत में एचआईवी एड्स के नए संक्रमण के मामलों में करीब सत्तर फीसद की कमी आई है।

भारत में इस वक्त करीब इक्कीस लाख लोग एचआईवी से संक्रमित है और करीब साढ़े ग्यारह लाख लोगो को देश के पांच सौ से ज्यादा एआरटी केन्द्रों पर एचआईवी का मुफ्त ईलाज मिल रहा है। एचआईवी एड्स की जांच और ईलाज सभी सरकारी अस्पतालों में मुफ्त में होता है।

अगर वक्त पर एचआईवी संक्रमण का पता लग जाए तो इसका बेहतर ईलाज है। एचआईवी एड्स के लक्षण है थकावट और कमज़ोरी। बुखार तीन सप्ताह से अधिक रहे,वज़न घटना,बार-बार संक्रमण होना,शरीर पर चकत्ते,खांसी,तीन सप्ताह से अधिक समय से दस्त होना। कुछ सावधानियां बरत कर एचआईवी एड्स से बच सकते हैं।

सुरक्षित यौन सम्बन्ध बनाएं,कंडोम का प्रयोग करें,जीवनसाथी के प्रति वफादार रहें, गर्भावस्था में एंटी नेटल क्लिनिक में एचआईवी की जांच कराएं, गर्भावस्था में एचआईवी के संक्रमण का पता चलने पर दवाएं लेने पर शिशु का एचआईवी से बचाव संभव है,संक्रमण रहित ख़ून चढ़ाएं, साफ़ और संक्रमण रहित सुई या सीरिंज का प्रयोग करें

एचआईवी संक्रमण होने पर व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमज़ोर हो जाती है और इससे ग्रस्त व्यक्ति कई गंभीर संक्रमण की चपेट में आ जाता है । एंटी रेट्रोवायरल दवाएं नियमित रूप से ली जाएं तो एड्स रोगी गंभीर बीमारियों से बच सकता है।

एचआईवी संक्रमित लोगों से भेदभाव ना हो इसके लिए केन्द्र सरकार ने हाल ही में एक कानून बनाया है जिसमें उनके हितो की रक्षा के लिए सभी प्रावधान किए गए है। एचआईवी एड्स एक वैश्विक स्वास्थ्य चुनौती है जिसे 2030 तक खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है।