तीन मूर्ति स्मारक में अश्वारोही सैन्य अधिकारी संगठन द्वारा पुष्पांजलि समारोह

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प्रथम विश्व युद्ध के बाद से भारतीय अश्वारोही सेना के बलिदान, बहादुरी और शानदार योगदान का सम्मान करने के लिए अश्वारोही सैन्य अधिकारी संगठन द्वारा तीन मूर्ति स्मारक में एक पुष्पांजलि समारोह आयोजित किया गया। भारतीय अश्वारोही सेना का बहादुरी और बलिदान का एक लंबा और प्रेरणादायी इतिहास रहा है।

तीन मूर्ति स्मारक का निर्माण भावनगर, कश्मीर और काठियावाड़ से अलगाव के बाद हैदराबाद, मैसूर और जोधपुर राज्यों के घुड़सवार रेजिमेंटों से निर्मित 15 वीं इम्पीरियल सर्विस कैवेलरी ब्रिगेड के अश्वारोही सेना अधिकारियों, गैर-कमीशंड अधिकारियों और जवानों की याद में किया गया था, जो सिनाई, फिलीस्तीन और सीरिया में 1914-1919 के युद्ध में शहीद हुए थे। अश्वारोही सेना की परंपराओं के उत्तराधिकारी के रूप में आर्मर्ड कोर अपने शक्तिशाली टी-72, अर्जुन और टी-90 टैंकों के साथ भारतीय सेना के अगुवा साबित हुई है।

मेमोरियल सर्विस आत्मविश्वास और सुघड़ता का एक प्रभावशाली समारोह था जिसमें भारतीय अश्वारोही सेना के सेवारत बंधुआ के सेवारत और सेवानिवृत्त अधिकारियों द्वारा पुष्पांजलि अर्पित की गई।

सीओए के प्रेसिडेंट जनरल अमित शर्मा (सेवानिवृत्त) ने देश की संप्रभुता की रक्षा में भारतीय बख्तरबंद कोर के महान योगदान को रेखांकित किया। आजादी के बाद से कोर द्वारा अर्जित ‘गैलेन्ट्री अवॉर्ड्स’, जिसमें दो परम वीर चक्र, 16 महावीर चक्र, तीन कीर्ति चक्र, 57 वीर चक्र और 26 शौर्य चक्र शामिल हैं, द्वारा यह स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है ।