प्रदेश में विकास का यज्ञ सतत चलता रहेगा – मुख्यमंत्री चौहान

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अनुपपुर @ मध्यप्रदेश में महिला सशक्तिकरण के लिये विशेष कदम उठाये जाएंगे। महिलाओं की आमदनी बढ़ाने के लिये महिला स्व-सहायता समूहों को आजीविका मिशन से जोड़ा जायेगा। महिलाओं को शासकीय नौकरियों में 50 प्रतिशत आरक्षण देने की व्यवस्था की गयी है। यह बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गत दिवस सीहोर जिले के रेहटी तहसील मुख्यालय में आयोजित विकास कार्यो के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में कही।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि अंसगठित क्षेत्र में काम करने वाली महिला श्रमिकों के लिये आगामी एक अप्रैल से विशेष योजना प्रारंभ की जाएगी। इस योजना में पंजीकृत महिला श्रमिक को गर्भवती होने पर 6 से 9 माह की अवधि में उनके खाते में 4 हजार रूपये की राशि मिलेगी। बच्चे के जन्म के बाद महिला श्रमिक के खाते में 12 हजार रूपये जमा कराये जायेंगे। नगरीय क्षेत्र में नगरीय निकायों के माध्यम से तथा ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों के माध्यम से महिला श्रमिकों के बैंक खातों में राशि डालने की व्यवस्था की गयी है।

मुख्यमंत्री ने लोगों को विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने भावांतर भुगतान योजना के बारे में बताया कि जो किसान अपनी उपज तत्काल नहीं बेचना चाहते हैं, उनके लिये यह व्यवस्था की गयी है कि अपनी उपज भंडार गृहों में रखें, जब बाजार में अच्छे दाम मिल रहे हों, तब बेचें। भंडारण में लगने वाला किराया सरकार भरेगी। उन्होंने कहा कि अभी गेहूँ का समर्थन मूल्य 1735 रूपये प्रति क्विंटल है। इस पर 265 रू का बोनस राज्य सरकार द्वारा दिया जायेगा। किसान की तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने के लिये वेयर हाउस में अनाज रखने पर अनाज की लागत का 25 प्रतिशन भुगतान की व्यवस्था भी की जा रही है।