योगी सरकार ने किया विशेष पुलिस बल का गठन : कर सकती है बिना वॉरंट तलाशी लेने और गिरफ्तारी करने का अधिकार
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने स्‍पेशल सिक्यॉरिटी फोर्स नाम के एक विशेष पुलिस बल का गठन किया है। बताया जा रहा है कि यह मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ का ड्रीम प्रॉजेक्ट है। इस विशेष फोर्स पर औद्योगिक प्रतिष्ठानों, प्रमुख स्थलों, हवाई अड्डों, मेट्रो और खासकर कोर्ट समेत अन्य स्थानों की सुरक्षा की जिम्‍मेदारी होगी। इसके पास बिना वॉरंट तलाशी लेने और गिरफ्तारी करने का अधिकार होगा।

राज्य सरकार ने रविवार को यह जानकरी दी। उत्तर प्रदेश स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स (UPSSF) उत्तर प्रदेश में उच्च न्यायालय, जिला न्यायालयों, प्रशासनिक कार्यालय एवं परिसर व तीर्थस्थल, मेट्रो रेल, हवाई अड्डा, बैंक अन्य वित्तीय, शैक्षिक संस्थान, औद्योगिक संस्थान आदि की सुरक्षा व्यवस्था करेगी।

इस फोर्स की अगुआई एडीजी स्तर का अधिकारी करेगा। पिछले कुछ वर्षों विशेषकर दिसंबर 2019 में हुई कुछ घटनाएं इस फोर्स के गठन के पीछे जिम्‍मेदार मानी जा सकती हैं। अधिसूचना में बल के कार्यों, अधिकार क्षेत्र, और संगठनात्मक ढांचे का निर्धारण कर दिया गया है।

बल में एडीजी के अलावा आईजी, डीआईजी, समादेष्टा उप समादेष्टा व अन्य अधीनस्थ अधिकारियों की तैनाती होगी। इसका मुख्यालय लखनऊ में होगा। शुरुआत में पीएसी से बल की पांच बटालियनों का गठन किया जाएगा। हालांकि इसमें सीधी भर्ती का अधिकार उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड को दिया गया है। गृह विभाग के अनुसार शुरुआत में बल में 9919 जवान होंगे। इन पर एक वर्ष में 1747 करोड़ रुपये खर्च होना का अनुमान लगाया गया है।

यूपीएसएसएफ के जवान की स्पेशल ट्रेनिंग कराई जाएगी। ट्रेनिंग के बाद इन जवानों को प्रदेश में मेट्रो रेल, एयरपोर्ट, औद्योगिक संस्थानों, बैंकों, वित्तीय संस्थानों, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, ऐतिहासिक, धार्मिक व तीर्थ स्थलों एवं अन्य संस्थानों व जिला न्यायालयों आदि की सुरक्षा में तैनात किया जाएगा। निजी औद्योगिक प्रतिष्ठान भी निर्धारित शुल्क जमा करके इस बल की सुरक्षा प्राप्त कर सकेंगे। बल के सदस्य हमेशा ड्यूटी पर माने जाएंगे और प्रदेश के अंदर किसी स्थान पर किसी भी समय तैनाती किए जाने के योग्य होंगे।