हाथरस गैंगरेप: योगी सरकार के हलफनामे को कांग्रेस ने बताया ‘सफेद झूठ’
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 लखनऊ। उत्तर प्रदेश के हाथरस गैंगरेप मामले में योगी आदित्यनाथ सरकार के खिलाफ कांग्रेस पार्टी का हमला लगातार जारी है। इस बार कांग्रेस ने सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामा को लेकर निशाना साधा है। प्रमुख विपक्षी पार्टी का कहना है कि सरकार पूरे मामले को गोल-मोल घुमाने के बाद सच को छिपाने की कोशिश में लगी है। तभी तो सरकार की हलफनामा में कहा गया है कि हाथरस मामले में रेप हुआ ही नहीं है। वहीं पीड़िता के अंतिम संस्कार को लेकर भी सरकार ने झूठ बोला गया कि पूरे रीति-रिवाज से अंतिम क्रिया हुई।

अखिल भारतीय महिला कांग्रेस अध्यक्ष सुष्मिता देव, पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत और पूर्व सांसद रजनी पाटिल ने मंगलवार को पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार का सुप्रीम कोर्ट में दिए हलफनामे (एफिडेविट) का उद्देश्य मामले को भटकाने का है। इसका पहला उद्देश्य यह साबित करने का है कि ये बलात्कार हुआ ही नहीं।

दूसरा यह कि बेटी का दाह संस्कार पूरे रीति-रिवाज के साथ है। जो सफेद झूठ है। उन्होंने कहा कि हम सबने टीवी पर देखा कि किस तरह से हाथरस की बेटी का गैर-जिम्मेदाराना तरीके से संस्कार किया गया। जबकि यूपी सरकार कह रही है “हमने पूरे अनुष्ठान के साथ अंतिम संस्कार किया है।”

पूरे मामले में डाले गए पीआईएल को लेकर भी कांग्रेस नेताओं ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि आखिर क्या रहस्य है कि पीआईएल सुप्रीम कोर्ट में डाली जाती है और इसकी सुनवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट में चल रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी लगातार कह रही है कि हाथरस की बेटी के साथ उत्तर प्रदेश ने अन्याय ही किया है। आज इस अन्याय का पर्दाफाश हो गया है, तभी तो देश की जनता जंतर-मंतर से यूपी तक कह रही है कि सरकार ने नाइंसाफी की है।

सुष्मिता देव ने लड़की ने अंतिम बयान को लेकर भी उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि लड़की ने अपने अंतिम बयान में कहा है कि उसका गैंगरेप हुआ है। पुलिस ने कहा कि गैंगरेप के सेक्शन में 22 तारीख़ को मामला दर्ज हुआ और भब यूपी सरकार अपने एफिडेविट में कह रही है कि रेप नहीं हुआ।

सरकार समझ ले कि उनके पाप का घड़ा अब भर गया है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि कवर-अप बंद करिए… कांग्रेस पार्टी अपनी मांग पर अड़ी है कि सीएम आदित्यनाथ को बर्खास्त किया जाना चाहिए। इसके साथ अधिकारियों और डीएम, जिन्होंने परिवार पर दबाव डाला है, उन्हें भी बर्खास्त किया जाना चाहिए।

इस दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को घेरते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अगर पीएम मोदी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री के पद से बर्खास्त नहीं करते हैं तो वो भी हाथरस मामले को उलझाने के तौर पर प्रमुख साजिशकर्ता और मास्टरमाइंड कहे जाएंगे। प्रधानमंत्री बाते तो महिला सुरक्षा की करते हैं लेकिन जब वक्त न्याय दिलाने का आता है तो वो अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ने लगते हैं, जो नाकाबिले बर्दाश्त है।