गेंहू खरीद नीति को योगी सरकार ने दिखायी हरी झंडी

लखनऊ । उत्तर प्रदेश सरकार ने गेंहू खरीद के लिये न्यूनतम समर्थन मूल्य 1735 रूपये प्रति क्विंटल को अपनी मंजूरी दे दी है। इसके अलावा परिवहन शुल्क के तौर पर दस रूपये प्रति क्विटंल किसान को दिये जायेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में आज यह फैसला लिया गया।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार गेंहू खरीद की मौजूदा नीति पूरी तरह पारदर्शी है जिसमें गेंहू बेचने के बाद किसान के खाते में 72 घंटे के अंदर बिक्री का पैसा आ जायेगा। सरकार एक अप्रैल से 15 जून के बीच किसानों से गेंहू खरीदेगी। राज्य भर में सरकारी गेंहू क्रय केन्द्र इंटरनेट से जुडे रहेंगे। पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान सरकारी एजेंसियों ने 38 लाख टन गेंहू संरक्षित किया था।

बैठक में सरकार ने सामाजिक सुरक्षा बीमा योजना को संस्थागत वित्त विभाग से लेकर राजस्व विभाग को सौंपे जाने संबंधी प्रस्ताव को भी मंजूर कर लिया। एक अन्य फैसले में मंत्रिमंडल ने सिनेमा हाल के निर्माण और उसके कामकाज संबंधी प्रस्तावित नीति पर भी अपनी मुहर लगा दी। नीति के तहत आैपचारिकतायें पूरी करने के बाद एक महीने के भीतर लाइसेंस दिया जायेगा जो पांच साल के लिये वैद्य होगा। इस नीति से मनाेरंजन के क्षेत्र को बढावा मिलने की उम्मीद है।

मंत्रिमंडल ने उप्र सीमेंट निगम के कर्मचारियों को अन्य विभाग में समायोजित करने संबंधी उद्योग विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इससे पहले उच्चतम न्यायालय ने सरकार को निर्देश दिया था कि सीमेंट निगम के कर्मचारियों का समायोजन अन्य विभागों में किया जाये। सरकार ने दीन दयाल उपाध्यास आदर्श नगर पंचायत योजना को भी हरी झंडी दिखायी जिसमें हर जिले की एक पंचायत को चार करोड़ रूपये से विकसित किया जायेगा।

सरकार इस योजना को दो साल में क्रियान्वित करेगी और इसके लिये पैसा दो किश्तों में दिया जायेगा। पिछले विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस योजना की घोषणा की थी। कृषि क्षेत्र में सरकार ने रिकार्ड उत्पादन करने वाले गन्ना किसानो को सम्मानित किये जाने संबंधी योजना को भी अपनी मंजूरी दे दी जिसके तहत तीन गन्ना किसानों को 31 हजार, 21 हजार और 15 हजार रूपये के ईनाम से नवाजा जायेगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री की मौजूदगी में राज्य स्तरीय समारोह में तीन गन्ना समितियों को भी सम्मानित किया जायेगा।