यूपी के किसानों को योगी सरकार का तोहफा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कल राजधानी लखनऊ के स्मृति उपवन में किसानों की फसल ऋण मोचन योजना की शुरुआत की। जिसके तहत 7500 किसानो को कर्ज माफी का प्रमाण पत्र सौंपा गया।

यह सुविधा सिर्फ उन लघु और सीमांत किसानों को ही मिल रही है, जिनके पास पांच एकड़ खेती वाली जमीन है और जिन्होंने एक लाख रुपये तक का कर्ज ले रखा है। पहले चरण में उन 27.5 लाख किसानों के कर्ज माफ होंगे, जिनके खाते आधार से लिंक हो गए हैं।

उत्तर प्रदेश में ऐसे करीब 86 लाख किसान हैं, जिनके कर्ज की माफी के लिए सरकार ने बजट में 36 हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। कर्ज की ये माफी केवल फसली ऋण पर ही दी जा रही है।

उत्तर प्रदेश के किसानों को गुरुवार को वो बड़ा तोहफा मिला जिसका उन्हें लंबे समय से इंतजार था। राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने राजधानी लखनऊ के स्मृति उपवन में किसानों की फसल ऋण मोचन योजना की शुरुआत की। इस मौके पर राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार ने किसानों को कर्ज से आज़ादी दे दी है।

राज्य सरकार ने अपनी पहली ही कैबिनेट बैठक में किसानों की कर्ज माफी पर मुहर लगाने के बाद अब इसको अमलाजामा पहना दिया और 7,500 किसानों को कर्ज माफी का प्रमाणपत्र दिया। यह सुविधा सिर्फ उन लघु और सीमांत किसानों को ही मिल रही है, जिनके पास पांच एकड़ खेती वाली जमीन है और जिन्होंने एक लाख रुपये तक का कर्ज ले रखा है। पहले चरण में उन 27.5 लाख किसानों के कर्ज माफ होंगे, जिनके खाते आधार से लिंक हो गए हैं।

उत्तर प्रदेश में ऐसे करीब 86 लाख किसान हैं, जिनके कर्ज की माफी के लिए सरकार ने बजट में 36 हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। योजना की शुरुआत के बाद जिलों में मंत्री पांच सितंबर को कर्ज माफी के प्रमाण पत्र वितरित करेंगे। राजधानी लखनऊ में किसानों को खुद सीएम योगी आदित्यनाथ प्रमाण पत्र देंगे जबकि सूबे के बाकी 74 जिलों में वहां के प्रभारी मंत्री किसानों को प्रमाण पत्र देंगे। कर्ज की ये माफी केवल फसली ऋण पर ही दी जा रही है।