धार्मिक पर्यटन में अपने नए आइडिए संग टेक्नोलॉजी को जोड़िए और स्टार्टअप खड़ा कीजिए, जानिए पूरी प्लानिंग

लखनऊ।  धार्मिक पर्यटन में स्टार्टअप…? पढ़ने में थोड़ा अजीब जरूर है लेकिन अब यूपी में ऐसे स्टार्टअप को बढ़ावा दिया जाएगा। धार्मिक पर्यटन में किसी नए आइडिए संग टेक्नोलॉजी को जोड़िए और सरकार की मदद से अपना स्टार्टअप खड़ा कीजिए। प्रयागराज में नेक्स्ट जेनरेशन इंक्यूबेशन स्कीम के तहत धार्मिक पर्यटन, विधि, शिक्षा और मेडिकल से जुड़े स्टार्टअप को मदद की जाएगी।

पहले इस योजना के तहत लखनऊ व प्रयागराज में केवल मेडिकल क्षेत्र से जुड़े स्टार्टअप को ही मदद दी जानी थी लेकिन अब इसका दायरा बढ़ा दिया गया है। अयोध्या में बनने वाले मंदिर, काशी, प्रयागराज, चित्रकूट समेत यूपी में धार्मिक पर्यटन के नाम पर बहुत कुछ है। लिहाजा यूपी के प्रयागराज केंद्र को यह क्षेत्र आवंटित किया गया है।

धार्मिक पर्यटन के नाम पर अभी ज्यादा स्टार्टअप नहीं है। बंगलुरू स्थित स्टार्टअप वीआर डिवोटी नामक ऐप से आप घर बैठे विभिन्न मंदिरों में लाइव दर्शन या आरती में शामिल हो सकते हैं। कुम्भ मेले के दौरान मुख्यमंत्री ने भी वीआर के माध्यम से कुम्भ को देखा था। ज्यादातर मंदिरों की लाइव आरती या दर्शन तो उपलब्ध होते हैं लेकिन आप इसके माध्यम से अनुभव कर सकते हैं कि आप खुद वहां मौजूद हैं।

क्या है योजना

इस योजना के तहत इस वर्ष 50 स्टार्टअप चुने जाने हैं जो क्षेत्रवार पूरे देश के 12 केन्द्रों पर भेजे जाएंगे। यूपी में प्रयागराज व लखनऊ में केन्द्र खोले जाएंगे। स्टार्टअप के लिए चयन प्रक्रिया चल रही है। सात सितम्बर तक आवेदन लिए जाएंगे और 22 सितम्बर तक इसका रिजल्ट आएगा। ये योजना अगले तीन वर्षों के लिए बी व सी श्रेणी के शहरों में चलाई जाएगी और योजना के अगले दो वर्षों में 250 स्टार्टअप चुने जाएंगे। इसके तहत 25 लाख रुपए तक फण्डिंग की जाएगी। वहीं इसमें चुने गए स्टार्टअप को यूपी सरकार की स्टार्टअप नीति के तहत दी जाने वाली छूट का भी लाभ मिलेगा।